नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में बनाई मजबूत पहचानः सीएम योगी

1000262518

Uttar Pradesh has carved out a strong identity among

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का राज स्थापित होने से निवेश और विकास को मिली नई रफ्तार* 

*यूपी में तीसरी बार बनेगी एनडीए की सरकार, भाजपा के नेतृत्व में लगेगी हैट्रिकः सीएम योगी*

*उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई, सवा तीन करोड़ लोगों को मिला रोजगार: योगी*

*सपा सरकार पर सीएम का तीखा हमला, बोले- सरकारी खजाने की हुई लूट और विकास रहा अधूरा*

*नौ सालों में दंगा, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति से मुक्त हुआ उत्तर प्रदेश: सीएम*

लखनऊ, 15 जुलाई। Uttar Pradesh has carved out a strong identity among, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों के कार्यों, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कहा कि यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट होगी। एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में 'आज तक' न्यूज चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'पंचायत आज तक उत्तर प्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। 
सीएम ने कहा कि 9 वर्षों की कार्यपद्धति और रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने है। जनता जनार्दन फैसला करने को तैयार है। 2003 से 2017 तक सपा और अन्य सरकारों की कार्यपद्धतियां भी सबके सामने है। हम लोगों ने पीएम मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में विकसित भारत को आगे बढ़ाने का काम किया। डबल इंजन सरकार का लाभ हमने लिया है। इसमें यूपी सफल हुआ है। विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को केवल डबल इंजन की भाजपा की सरकार ही पूरा कर सकती है। गत वर्ष एक रिकॉर्ड टूटा था, इस बार एक नया टूटने वाला है। यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट करेगी। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

*सपा सरकार में लूटा गया सरकारी खजाना*
सीएम ने कहा कि सपा का विकास का मॉडल होता तो यूपी कबका डूब गया होता। सैफई खानदान यूपी को तबाह कर रहा था, उसका नमूना जेपीएनआईसी बिल्डिंग है। सपा ने जेपीएनआईसी को बनाने के लिए 200 करोड़ का डीपीआर बनाया था, लेकिन 800 करोड़ रुपये खर्च हो जाने के बाद भी अधूरा है। आदि गंगा की मान्यता वाली गोमती के रिवर फ्रंट के नाम पर 166 करोड़ रुपये का डीपीआर किया था लेकिन 1400 करोड़ रुपये खर्च हो गए। साथ ही कार्य भी अधूरा है। सपा सरकार में केवल सरकारी खजाना लूटा जा रहा था।

सीएम ने कहा कि 2016 दिसंबर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसके बाद 15,200 करोड़ की लागत तय की गई। सरकार बदलने के बाद मई 2017 में उसकी समीक्षा की तो जमीन ही न होने का पता चला। इसमें बड़ी बेइमानी का पता चला तो टेंडर को रद्द किया गया। दो वर्ष जमीन खरीदने में लगे। 2018 में हमारे पास 90 प्रतिशत जमीन आ गई। इसके बाद 15,200 करोड़ का टेंडर मात्र 11,800 करोड़ रुपये का हो गया। इसी बजट में सपा सरकार से बेहतर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया गया। 

सीएम ने कहा कि यूपी की एक्साइस पॉलिसी में भी डैकती डाली जाती थी। पहले मात्र 12 हजार करोड़ रुपये की एक्साइस ड्यूटी आती थी। हमारी सरकार के लिए कठिन था, लेकिन पॉलिसी की बदल दी। आज पांच गुना ज्यादा 63,000 करोड़ रुपये एक्साइस ड्यूटी के रूप में सरकार को मिल रहे हैं।

*विपक्ष ने राम मंदिर के विरोध में अधिवक्ता खड़े किए*
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले जब यूपी में सुरक्षा नहीं थी तो त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था, उपद्रव शुरू हो जाता है। आज हर समुदाय का पर्व व त्योहार शांतिपूर्ण ढ़ंग से पूरा हो रहा है। जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई, वह आस्था की बात कर रहे हैं। साथ ही पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई। देश के उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर रहे थे कि भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर के विरोध में अपने अधिवक्ता खड़े किए। जिन लोगों ने देश के खजाने को लूटा और पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनको अयोध्या की चोरी दिख रही है लेकिन अपनी डकैती नहीं दिखती। 

*अयोध्या चढ़ावा मामले में की गई कार्रवाई, हिंदू आस्था पर प्रहार करना न्याय संगत नहीं*
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की घटना निश्चित ही सभी रामभक्तों को आहत करती है। वह एक इंडिपेंडेंट ट्रस्ट है, जिसमें सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही ट्रस्ट ने कार्रवाई शुरू की, जो लोग चोरी करते हुए पकड़े गए उनकी व सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई। नैतिक आधार पर भी दो इस्तीफे हुए, लेकिन उसके नाम पर अयोध्या को, श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करना अथवा हिंदू आस्था पर प्रहार करना, ये न्याय संगत नहीं है। यूपी में जब यह आस्था के केंद्र देश के लिए मॉडल बन रहे और यूपी पहचान में आगे बढ़ रहा हैं तो सपा को पीड़ा हो सकती है।

आस्था के केंद्रों से अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इससे फूल बेचने वाले, रिक्शा चलाने वाले, होटल व टैक्सी संचालकों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान एक नाविक ने 30 करोड़ रुपये की कमाई की थी, लेकिन ये उनको अच्छा नहीं लगाता है।

*दोनों युवराजों को चांदी के चम्मच से खाने की आदत*
सीएम ने कहा कि समृद्धि केवल दो खानदानों ने अपने नाम पर पेटेंट करा लिया है। ये एक गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते। दोनों राजकुमारों ने जहां जन्म लिया है, वहां चांदी के चम्मच से खाने की आदत रही है। देर से सोकर उठने की आदत रही है। गर्मी, बरसात की पीड़ा कैसी होती है, इन्हें नहीं पता है। दोनों फीफा कप का आनंद लेने ऑस्ट्रेलिया और टूरिस्ट वीजा पर यूएस की यात्रा पर गए हैं। ये किसके पैसे से विदेश की यात्रा कर रहे हैं। यहां समाज को बांटने का काम करते है, लेकिन जनता सारी करतूतों को जानती है।

*मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम नहीं आई*
सीएम ने कहा कि मुझे एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने से पहले एक सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र से देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ था। विभिन्न मुद्दों के लिए जूझता था और संसद में उठाने का प्रयास करता था। कभी-कभी निराशा भी होती थी। लगता था कि बीमारी व भूख से मरना, माफिया के सामने लोगों का नतमस्तक होना, बिजली व सामान्य जनसुविधाओं के लिए लोगों को तरसना, युवाओं के सामने पहचान का संकट, किसानों की आत्महत्या उत्तर प्रदेश की नियति बन गई है। पीड़ा के साथ लगता था कि क्या इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। जब पार्टी ने मुझे शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर दिया और अब उसके सकारात्मक परिणाम को देखता हूं। ऐसा नहीं की मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम आई हो। मेरे साथ कोई भी व्यक्ति नहीं आया। गोरखपुर से पांच बार से सांसद रहा, वहां से भी एक व्यक्ति नहीं आया। जो टीम लखनऊ में मुझे मिली, उन्हीं के साथ काम करने का प्रयास किया। उसके परिणाम सबके सामने है। 

सीएम ने कहा कि यूपी को इन 9 वर्षों में पहचान के संकट से उबारा है। यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति तीन गुना बढ़ी है। बीमारू राज्य की श्रेणी में रहने वाला उत्तर प्रदेश 9 वर्षों में देश के टॉप तीन अर्थव्य़वस्था के रूप में स्थापित हुआ है। ऐसे कौन से कारण थे, जो यूपी में नहीं हो सकते थे।

*2014 के पहले भी थी एक डबल इंजन सरकार* 
सीएम ने कहा कि 2014 के पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन की सरकार थी। केंद्र में कांग्रेस व यूपीए की सरकार थी और यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दोनों मिलकर काम कर रहे थे लेकिन जनता में विश्वास नहीं था। इन दोनों की स्थिति एक तरफ कुआं और खाई जैसी थी। आज ये लोग जो उपदेश देते हैं, वह 2014 से पहले अंगीकार किया होता तो हाशिए पर नहीं गए होते।

यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था, उसे नौकरी नहीं मिलती थी। उसने आवेदन किया तो योग्यता के बाद भी वो चयनित नहीं होता था। क्योंकि नौकरी पर कुछ चंद जनपदों और लोगों का कब्जा था। 2017 के पहले सुरक्षा की स्थिति बदलहाल थी, बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। सत्ता के समानांतर माफियाओं की सरकारें चलती थीं। मीडिया, आम आदमी, व्यापारी, बेटी, उद्यमी कोई भी सुरक्षित नहीं था। व्यापारी और आम नागरिक भी घर से निकलता था तो ईश्वर से प्रार्थना करता था कि मुझे शाम को वापस परिवार का मुंह देखने का अवसर मिले।

*माफियाओं के साथ आज भी उन लोगों की सहानुभूति*
सीएम ने कहा कि उद्यमी निवेश नहीं करना चाहता था। न सरकार की नीति थी और न नीयत थी। अराजकता चरम पर थी, माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती हुई दिखाई देती थी। आज भी उनके भाषण सुनते होंगे, वे बोलते हैं कि सत्ता में आ गए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं। आज भी उन लोगों की सहानुभूति उन माफिया और उनके गुर्गों के प्रति है, जो जेल में है या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। उनकी सहानुभूति आज भी यूपी के नागरिकों के प्रति नहीं दिखती है।

*23 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच ले जाएं*
सीएम ने कहा कि 2003 से 2026 के 23 वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर जनता के बीच लेकर जाइए। पहले पांच साल मुलायम सिंह के, अगले पांच साल मायावती के व अगले पांच वर्ष अखिलेश के और पिछले 9 वर्षों के हमारे कार्यकाल के, जनता से उनकी संतुष्टि के बारे में पूछिए। आपको स्वर्गीय राजीव गांधी का वह वाक्य याद आज जाएगा जिसमें निराश होकर कहा था कि हम 100 रुपये भेजते है, लेकिन नीचे 15 रुपये ही पहुंचता है। आखिर 85 रुपये कौन खा जा रहा था। ये किसी छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति, युवा की नौकरी, बुर्जुग-निराश्रित महिला की पेंशन, गरीब का अनाज, बहन-बेटी के लिए बनने वाले शौचालय का पैसा था। जिस 85 प्रतिशत पैसे पर पिछली सरकारें डकैती डालने का काम करती थीं। आज डीबीटी के माध्यम से 100 रुपये दिल्ली या लखनऊ से भेजने पर सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। सभी तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि संकल्प और इच्छाशक्ति के दम पर देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य दंगा मुक्त, उपद्रव मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और अपनी परांपरागत पहचान से युक्त हो सकता है, यह यूपी ने पिछले 9 वर्षों में करके दिखाया है।

*अब इंसेफेलाइटिस से मौतें नहीं होतीं*
सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हर वर्ष इसी सीजन में इंसेफेलाइटिस से मौतें होती थीं। हर परिवार सशंकित रहता था कि पता नहीं कौन सा बच्चा इसकी चपेट में आ जाए। हर वर्ष 1200 से 1500 मौतें होती थीं। आज इंसेफेलाइटिस से होनी वाली मौतें शून्य पर पहुंच चुकी हैं। भूख से मौतें अलग से होते थीं, आज उन्हें 100 प्रतिशत सैचुरेट कर चुके हैं। उन्हें जमीन के पट्टे मिले, उनका आवास बना, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस के सिलेंडर और रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

*परंपरागत उद्यम फिर जीवित हुए*
सीएम ने कहा कि परंपरागत उद्यम फिर से जीवित हो चुके हैं, जिन्हों कभी यूपी को पहचान दिलाई थी। आजादी के तत्काल बाद 1950 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 प्रतिशत था, जो 2017 से पहले घटकर मात्र 7 प्रतिशत के आस-पास रह गया था। यूपी अवनति की ओर था। तब अन्नदाता को पानी, बीज, बिजली नहीं मिलती थी। किसान खेत में जाने से डरता था। वहीं पैदावार फसल का दाम किसानों को नहीं मिलता था, क्योंकि इसका फायदा बिचौलिए उठाते थे। कृषि यूपी का आधार है लेकिन सरकार के स्तर पर कोई प्रोत्साहन नहीं था। मैन्युफैक्चरिंग पावर जब परंपरागत उद्यम के साथ जुड़ती है, तब अर्थव्यवस्था को तेज करती है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए हमारे पास एमएसएमई का बेहतरीन नेटर्वक था लेकिन पिछली सरकारों के इंस्पेक्टर राज ने उसे तबाह कर दिया था। लोग विभागीय उत्पीड़न के शिकार होते थे। उस समय उद्यमी, कारीगर बन गया और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया था। ऐसे में यूपी की अर्थव्यवस्था को डूबना ही था।

*कृषि विकास दर को 18 प्रतिशत तक पहुंचाया*
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। अमेरिका-ईरान व रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, उर्वरक की कमी स्वाभाविक रूप से हो जानी चाहिए थी, लेकिन यूपी में किसान को फर्टिलाइजर, बीज, कीटनाशक समय पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के अंदर 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 24 लाख हेक्टेयर जमीन को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में अप्रूव हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को यूपी में डबल इंजन की सरकार ने पूरा कराया। उन्होंने बुंदेलखंड की अर्जुन सहायक परियोजना का भी जिक्र किया। बताया कि पहले महोबा के किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपये मिलता था, आज उन्हीं अन्नदाता किसानों को 50 हजार रुपये मिल रहा है। उन्होंने बाणसागर परियोजना की सफलता की भी चर्चा की।

*बिचौलियों को हटाकर किसानों को दिलाया फायदा*
सीएम ने कहा कि यूपी के किसानों को 10 घंटे बिजली खेती के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही बिजली उनके लिए मुफ्त है। प्रदेश में 16 लाख प्राइवेट ट्यूबवेल हैं, सबकी बिजली मुफ्त कर दी गई है। 2017 में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी था। गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना का दाम किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम ने कहा कि आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। 105 चीनी मिलें ऐसी हैं, जहां से 4 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को हो रहा है। शेष में प्रयास किया जा रहा है कि वह 15 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर दें। आज किसान की किसी भी उपज को बिचौलियों की जगह उन्हीं से सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है। अगर बाजार में अच्छा दाम है तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकता है। अगर बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहा है तो एमएसपी में लागत के डेढ़ गुना दाम पर सरकार किसान से खरीदेगी और फिर उसे अपने स्तर पर बाजार तक पहुंचाने का काम करेगी। आज किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना समेत हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खेती में जो विकास दर बढ़ी है, उस विकास दर के पीछे डबल इंजन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का परिणाम देखने को मिल रहा है।
 
सीएम ने कहा कि पहले एमएसएमई दम तोड़ चुका था, कारीगर पलायन कर चुके थे, अब वह फिर से प्रगति कर रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी संचालित कर रहा है। सरकार हर यूनिट को 5 लाख रुपये की सामाजिक बीमा का कवर भी उपलब्ध करा रही है। सवा तीन करोड़ रुपये इसके साथ रोजगार से जुड़ चुके हैं। 

*सुशासन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए कानून का राज जरूरी*
सीएम ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कानून का राज स्थापित कर दीजिए। सुरक्षा का बेहतरीन माहौल दे दीजिए। अपने आप सुशासन के लक्ष्य प्राप्त होते दिखाई देंगे। यूपी सरकार ने प्रभावी ढ़ग से इसे बढ़ाने का काम किया। आज यह सुनना अच्छा लगता है, जब कहा जाता है कि यूपी के मॉडल को सुरक्षा के मायने में अन्य राज्यों ने स्वीकार किया है। 

*हर योजना में शीर्ष पर यूपी*
सीएम ने कहा कि पहले दिल्ली में सरकारी योजनाओं को लागू करने में टॉप राज्यों की सूची देखता था। यूपी का कहीं पता नहीं होता था, वह बाटम 3 में दिखता था। तब सरकारों की मानसिकता भी ऐसी ही थी। पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा जनकल्याण की स्कीमें निकली हैं। आज हर एक स्कीम में यूपी का नाम टॉप में आता है। यूपी में योजना की सफलता का मतलब है कि वह देश के अंदर सफल हो गई। साथ ही दुनिया के लिए मॉडल बन गई। सीएम ने कहा कि आज गरीब को मकान, शौचालय मिला है। हर गरीब को सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, जिसके लिए दशकों से लालायित था। अब कोई शिकायत लेकर नहीं आता। 

*ई-पॉस मशीन से आई पारदर्शिता*
सीएम ने कहा कि पूर्वी जनपदों में 2017 से पहले भूख से मौत होती थी। इस सरकार ने ई-पॉश मशीनें लगाईं। आज के दिन 16 करोड़ लोगों को यूपी में मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ई-पॉस मशीन से 80 हजार उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ा गया है। किसी गांव में उचित मूल्य की दुकान में थोड़ी भी घटतौली होने पर अलर्ट आ जाता है, जिसके बाद टीम फौरन छापा मारकर कार्रवाई करती है।

*यूपी में बिजली खपत 35 हजार मेगावाट तक पहुंची*
सीएम ने कहा कि यूपी के सभी 75 जनपदों में सामान्य रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। 2017 के पहले पीक आवर में कुल बिजली आपूर्ति 15-16 हजार मेगावाट ही होती थी, आज आपूर्ति 33 से 35 हजार मेगावाट हो रही है। ये यूपी की नई स्थिति है।

*यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव*
सीएम ने कहा कि यूपी ने 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी बनाई गईं हैं, जिससे निवेश बढ़ा है। 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और 7.50 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी चल रही है। ये नया यूपी है, जिसके तहत 65 लाख युवाओं को नौकरी दी गई है।

सीएम ने कहा कि देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अच्छी सड़कें यूपी में मिलेंगी। देश के एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत यूपी का योगदान है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी में हैं। 2017 से पहले यूपी में केवल दो एयरपोर्ट संचालित थे, आज 17 हैं। इनमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जिसमें पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी शामिल है। इसके पास 14 हजार एकड़ जमीन है, देश में किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है। नए एयरक्राफ्ट आने पर सभी एयरपोर्ट से हवाई सुविधा और बढ़ेगी। प्रदेश सरकार पांच नए एयरपोर्ट पर भी काम कर रही है। 

सीएम योगी ने कहा कि पहले कोई सोचता भी नहीं था कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट होगा, लेकिन यह भी संभव हुआ। श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, सोनभद्र में कोई एयरपोर्ट की कल्पना नहीं करता था, लेकिन वहां भी सपना पूरा किया गया। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे भी बन चुका है और रैपिड रेल भी आ चुकी है। देश की पहली इनलैंड वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच संचालित हो रही है। साथ ही यूपी के अंदर सबसे ज्यादा सात सिटी में मेट्रो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।